दुनिया के सबसे उम्रदराज एथलीट और ‘टर्बन टॉरनेडो’ के नाम से मशहूर फौजा सिंह का सोमवार रात 114 साल की उम्र में निधन हो गया। जालंधर में सैर करने के दौरान उन्हें एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इलाज के लिए उन्हें एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां रात को उन्होंने अंतिम सांस ली। फौजा सिंह को टक्कर मारने वाली फॉर्च्यूनर गाड़ी की पहचान हो चुकी है। गाड़ी का नंबर PB 20 C 7100 है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से बरामद गाड़ी की हेडलाइट के टूटे हुए टुकड़ों से अहम सुराग मिले हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने गाड़ी की पहचान की और अब अलग-अलग टीमें आरोपी चालक की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। फौजा सिंह ब्यास पिंड में अपने बेटे के साथ रहते थे। बेटे-बेटियों और अन्य रिश्तेदारों के विदेश से लौटने पर 3 दिन बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। 2012 के लंदन ओलिंपिक में मशालवाहक भी रहे फौजा सिंह ने 80 साल की उम्र में दौड़ना शुरू किया था। 2012 के लंदन ओलिंपिक में वह मशालवाहक भी रहे। सीसीटीवी में आखिरी बार फौजा सिंह 3:07 बजे अपने घर से बाहर निकलते हुए नजर आए। शाम करीब साढ़े चार बजे पंजाब सरकार की ओर से होशियारपुर लोकसभा सीट से सांसद राज कुमार चब्बेवाल और अन्य आम आदमी पार्टी के नेता फौजा सिंह के परिवार के साथ दुख साझा करने के लिए पहुंचे। इस दौरान जालंधर देहात पुलिस के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क भी मौके पर मौजूद थे। सांसद चब्बेवाल ने परिवार को सांत्वना दी और मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके निधन पर PM नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया। PM ने X पर लिखा- ‘फौजा सिंह जी एक असाधारण व्यक्तित्व थे, जिन्होंने फिटनेस जैसे एक बेहद महत्वपूर्ण विषय पर भारत के युवाओं को प्रेरित करने के अपने अनोखे अंदाज और जीवनशैली से मिसाल कायम की। वे अद्भुत संकल्पशक्ति वाले एक महान खिलाड़ी थे।’ पंजाब विधानसभा में मंगलवार को फौजा सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। एक कार्यक्रम में फौजा सिंह ने कहा था- पिंड (गांव) मेरे लिए सबकुछ है। मैं यहीं पैदा हुआ, यहीं पला-बढ़ा। इसे कैसे छोड़ दूं? पिछले साल कनाडा गया था। वहां बीमार हो गया तो डर गया कि कहीं वापस ही ना जा पाऊं। मेरा सपना है- ‘मरां तां अपणे देश विच मरां, अपणे पिंड विच मरां। 3 बजे घर से निकले थे
फौजा सिंह के छोटे बेटे हरविंदर सिंह ने बताया कि वह सोमवार को 3 बजे खाना खाने के बाद सैर करने के लिए घर से निकले थे। उस समय मैं घर पर नहीं था। जब वह हाईवे पर पहुंचे तो एक अज्ञात कार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उन्हें सिर, छाती और पसलियों पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। ICU में शिफ्ट करने के बाद हालत बिगड़ी
बेटे ने बताया कि शुरुआत में उनकी हालत में कुछ सुधार भी दिखाई दिया और उन्होंने खुद सिर के नीचे हाथ रखा हुआ था, लेकिन जब उन्हें ICU में शिफ्ट किया गया, तब उनकी सांसें उखड़ने लगीं। शाम करीब 6 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके पास इंग्लैंड की नागरिकता थी। कोरोना के बाद वह विदेश बहुत कम जाते थे। वह जालंधर में हरविंदर सिंह और बहू के साथ रहते थे। उनके दूसरे बेटे और बेटी यूके और कनाडा में रहते हैं। SSP बोले- संदिग्ध गाड़ियों लिस्ट आउट की गईं एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने कहा- फिलहाल हमने सीसीटीवी चेक करने का दायरा बढ़ा दिया है, क्योंकि क्राइम सीन पर कोई सीसीटीवी नहीं लगा हुआ था। एक एसपी रैंक के अधिकारी की सुपरविजन में टीम जांच के लिए लगा दी गई है। जल्द मामले को ट्रेस कर लिया जाएगा। गाड़ी के जो हिस्से मिले हैं, उसके आधार पर फिलहाल गाड़ी की पहचान नहीं हो पाई है। मगर हाईवे पर चलने वाली कुछ गाड़ियों को हमने लिस्ट आउट किया है, जिसके आधार पर जल्द वाहन को ट्रेस कर लिया जाएगा। टर्बन टॉरनेडो के नाम से मशहूर फौजा सिंह के बारे में जानें… जालंधर प्रशासन ने कहा- फौजा सिंह नशा मुक्त रंगला पंजाब मार्च में साथ चले
फौजा सिंह की मौत पर जालंधर प्रशासन ने सरकार की तरफ से दुख जताया। उन्होंने कहा कि, “महान मैराथन धावक और दृढ़ संकल्प तथा उम्मीद के प्रतीक सरदार फौजा सिंह के निधन से हम गहरे शोक में हैं। दिसंबर 2024 में उनके पैतृक गांव ब्यास से शुरू हुए दो दिवसीय ‘नशा मुक्त रंगला पंजाब’ मार्च के दौरान उनके साथ चलने का हमें भी सौभाग्य मिला। उस समय भी उनकी उपस्थिति ने पूरे अभियान में अभूतपूर्व ऊर्जा और जोश भर दिया था।” जालंधर जिला प्रशासन की ओर से हम उनके परिवार और दुनिया भर में मौजूद उनके प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि उनकी आत्मा को शांति और उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान हो।” अब पढ़ें, दिग्गज एथलीट फौजा सिंह को किन-किन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी।​​​​​​

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