सिवनी जिले में बारिश थमने के बाद यूरिया-डीएपी की मांग तेजी से बढ़ी है। राज्य विपणन संघ के डबल लॉक केंद्रों में किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। किसान सुबह 7 बजे से ही लाइन में लग जाते हैं। डूंडासिवनी छिड़िया पलारी वेयर हाउस में दूर-दराज के गांवों से आए किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि पिछले 8 दिनों से यूरिया-डीएपी की कमी बनी हुई है। डीएपी के विकल्प के रूप में एनकेपी खाद उपलब्ध है। लेकिन सरकारी नकद विक्रय केंद्र और निजी विक्रेताओं के पास यूरिया नहीं है। जिले में 4.53 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र है। इसमें से 80 प्रतिशत में बुआई पूरी हो चुकी है। धान की रोपाई चल रही है। लगातार हो रही बारिश से मक्का की फसल को नुकसान की आशंका है। किसान आधार कार्ड, कृषि भूमि की बही और खसरा-रकबा के दस्तावेज लेकर केंद्र के बाहर कतार में खड़े रहते हैं। विधायक ने लिखा पत्र मुंगवानी क्षेत्र के किसान रामकुमार सनोड़िया और श्यामलाल यादव ने बताया कि सुबह 11 बजे वितरण शुरू हुआ। लेकिन एक घंटे में ही यूरिया खत्म हो गया। केवलारी विधायक ठाकुर रजनीश सिंह ने 19 जुलाई को किसानों की समस्या को लेकर कलेक्टर को पत्र लिखा है। अधिकारी बोले- आने वाले दिनों में किल्लत कम होगी कृषि कल्याण एवं विकास विभाग के सहायक संचालक प्रफुल्ल घुड़ेश्वर ने बताया कि जिले को रेल रैक से यूरिया मिलना शुरू हो गया है। एक दिन पहले 570 मीट्रिक टन यूरिया का रैक मिला है। इसे डबल लॉक केंद्रों और समितियों में भेजा जा रहा है। आने वाले दिनों में और रैक मिलने से यूरिया की कमी दूर हो जाएगी।

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