खंडवा में एक भाजपा नेता ने नायब तहसीलदार पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत पुलिस थाने से लेकर कलेक्टर-एसपी से की हैं। मामले ने इतना तूल पकड़ा कि सांसद-विधायक और भाजपा जिलाध्यक्ष ने संबंधित अफसर पर कार्रवाई करने के लिए कलेक्टर से बात की। हालांकि, अफसर का कहना है कि थप्पड़ मारने के आरोप निराधार है। जमीन विवाद के दौरान झूमाझटकी हो गई थी। घटना मांधाता विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गुर्जरखेड़ी की है। भाजपा नेता बालकराम मंडलोई (जिला उपाध्यक्ष, पिछड़ा मोर्चा) का आरोप है कि, 18 जुलाई शुक्रवार के दिन वे अपने खेत से घर लौट रहे थे। इसी बीच रास्ते में एक खेत पर राजस्व विभाग के अधिकारी कब्जा दिलाने की कार्रवाई कर रहे थे। उन्होंने बताया कि, आरआई मेरे परिचित थे इसलिए उन्होंने मुझे रोक लिया और कहने लगे कि उस किसान को समझा दो कि जमीन का कब्जा दूसरे किसान को दें दे। इसी बीच नायब तहसीलदार नरेंद्र मुवेल आए और उन्होंने मुझे थप्पड़ मार दिया। जबकि पूरे मामले से मेरा कोई लेना-देना नहीं था। मेरी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हुआ है, दर्द होने लगा
भाजपा नेता बालकराम मंडलोई ने बताया कि, कुछ दिन पहले ही मेरी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हुआ है। शुक्रवार के दिन मैं खेत पर मजदूरों को खाना देने गया था। जाते वक्त देखा कि धर्मेंद्र पिता भाईराम भील के खेत के पास पटवारी, कोटवार और आरआई खड़े थे। आरआई ने मुझे रोका और पूछा कि- बालकराम जी अब आपकी तबीयत कैसी हैं। मैंने कहा कि मैं ठीक हूं। खेत पर खाना देकर आता हूं। मैं खेत पर खाना देकर लौट रहा था, उस दौरान भी आरआई ने मुझे रोक लिया और कहा कि थोड़ा सहयोग कीजिए। किसान को समझा लो, उससे कहो कि समझौता कर लें। मैंने इस झमेले में पड़ने से मना कर दिया। तभी आरआई ने कहा कि ये लोग तुम्हारे गांव के है, तुम्हारी सुन लो। जरा समझा दो। तभी मैं भाईराम के पास बात करने गया और इतने देर में नायब तहसीलदार आए और मुझे थप्पड़ मार दिया। मुझे जबरन ही मारा, जबकि मेरा कोई वास्ता नहीं था। मामले में कलेक्टर-एसपी से शिकायत की है। नायब तहसीलदार बोले- दबाव बनाने के लिए आरोप लगा रहे
नायब तहसीलदार नरेंद्र मुवेल ने कहा कि, कोर्ट के आदेश के बाद हम लोग मौके पर जाकर एक किसान से दूसरे किसान को जमीन का कब्जा दिला रहे थे। कार्रवाई के दौरान जिस पार्टी से कब्जा लेना था, वो विवाद करने लग गए। किसान ने अपने हाथ में कीटनाशक दवा ले ली और कहा कि मैं दवा पीकर मर जाऊंगा। इतने में एक नेता आए और उस किसान को उकसाने लगे कि तू दवा पी ले, तहसीलदार को जेल हो जाएगी और तेरा केस खत्म हो जाएगा। लोग बार-बार किसान को उकसा रहे थे। हमने किसान के हाथ से दवा की बोतल छुड़ाने का प्रयास किया, इसी दौरान झूमाझटकी हाे गई। अब मुझ पर दबाव बनाने और कार्रवाई रुकवाने के लिए इस तरह के झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। यदि ऐसे आरोप लगेंगे और शिकायतें होगी तो प्रशासन कैसे काम करेगा। हमारा तो मनोबल गिरा दिया हैं। खंडवा एसपी ने मामले की जांच एसडीओपी को सौंपी
इधर, शिकायत के बाद मामले की जांच के लिए एसपी मनोज कुमार राय ने एसडीओपी मूंदी को निर्देश दिए हैं कि इस शिकायत पर जांच के बाद आगे की कार्रवाई करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *