उज्जैन के फ्रीगंज स्थित गुरुद्वारा सुखसागर में सिख समाज ने आठवें गुरु हरिकिशन साहिब का प्रकाश पर्व मनाया। कार्यक्रम में पाठ साहब और नितनेम के बाद दिल्ली से आए रागी जत्थे ने कीर्तन किया। गुरुद्वारा सुखसागर के अध्यक्ष चरणजीत सिंह कालरा ने बताया कि दिल्ली से विशेष रूप से आए रागी जत्थे ने अपनी मधुर वाणी से संगत को निहाल किया। कार्यक्रम में सिख समाज के महिला-पुरुष बड़ी संख्या में शामिल हुए। गुरु हरिकिशन साहिब को मात्र 9 वर्ष की आयु में गुरु गद्दी मिली थी। दिल्ली में चेचक की महामारी के दौरान उन्होंने अपनी दैवीय शक्ति से लोगों को इस बीमारी से मुक्ति दिलाई। कहा जाता है कि उन्होंने सरोवर में स्नान करने वालों को चेचक से मुक्त किया। बाद में वे स्वयं इस बीमारी की चपेट में आ गए और उनका निधन हो गया। मानवता की इस सेवा के कारण उन्हें बाला प्रीतम के नाम से भी जाना जाता है। कार्यक्रम का समापन सभी श्रद्धालुओं के लिए लंगर के साथ हुआ।
गुरु हरिकिशन साहिब का प्रकाश पर्व:दिल्ली से आए रागी जत्थे ने किया कीर्तन, श्रद्धालुओं ने लंगर छका
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