हरदा में शनिवार को बाजार बंद रहने के बावजूद किसानों को यूरिया खाद का वितरण किया गया। सुबह से ही विपणन संघ और एमपी एग्रो के गोदामों पर किसानों की भीड़ जुटने लगी। यूरिया वितरण के लिए दो काउंटर बनाए गए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की भी तैनाती की गई थी। प्रति ऋण पुस्तिका के आधार पर दी गई 10 बोरी यूरिया किसानों को प्रति ऋण पुस्तिका के आधार पर 10 बोरी यूरिया दी गई। किसान अनिल विश्वकर्मा ने बताया कि उन्हें यूरिया प्राप्त करने के लिए तीन बार लाइन में लगना पड़ा। किसानों का कहना है कि मक्का की फसल बोए हुए एक महीना हो गया है। समय पर खाद नहीं मिलने से फसल पीली पड़ने लगी है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ रहा है। अब तक जिले को मिला 14 हजार मीट्रिक टन यूरिया और 6 हजार डीएपी कृषि विभाग के अनुसार, खरीफ फसलों के लिए जिले को कुल 24 हजार 500 मीट्रिक टन यूरिया और 12 हजार मीट्रिक टन डीएपी की आवश्यकता है। अब तक जिले को 14 हजार मीट्रिक टन यूरिया और 6 हजार मीट्रिक टन डीएपी मिल चुका है। शुक्रवार को रेलवे के माल गोदाम पर 2 हजार 850 मीट्रिक टन यूरिया पहुंचा, जिसमें से हरदा जिले को 800 मीट्रिक टन यूरिया मिला। नर्मदापुरम के आनापुरा को भेजा गया 450 मीट्रिक टन यूरिया यूरिया एमपी एग्रो, जिला विपणन संघ, राजाबरारी, पीपल्या और जुनापानी सहकारी समितियों को वितरित किया गया। इसके अलावा, देवास जिले की खातेगांव और कन्नौद तहसील को 525 मीट्रिक टन, नसरुल्लागंज तहसील को 500 मीट्रिक टन और नर्मदापुरम जिले के आनापुरा को 450 मीट्रिक टन यूरिया भेजा गया।

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