अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर सामने आईं मीडिया रिपोर्ट्स को लेकर अमेरिकी एजेंसी ने सावधान रहने की सलाह दी है। यूएस नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) की अध्यक्ष जेनिफर होमेंडी ने कहा, जो बातें सामने आई हैं वो सिर्फ अटकलें लगाने वाली हैं। भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने अभी अपनी शुरुआती रिपोर्ट जारी की है। इस तरह की जांच में समय लगता है। होमेंडी की यह टिप्पणी अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट को लेकर है। तीन दिन पहले जारी इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि विमान के कैप्टन सुमीत सभरवाल ने इंजनों में फ्यूल की सप्लाई रोकी थी। 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 टेकऑफ के 32 सेकेंड देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी। FIP बोला- इससे पश्चिमी मीडिया को चेतावनी मिलेगी
WSJ ने बताया था कि यह खुलासा दोनों पायलटों के बीच बातचीत की कॉकपिट रिकॉर्डिंग से हुआ है। वॉयस रिकॉर्डिंग से पता चला कि बोइंग विमान उड़ा रहे को-पायलट क्लाइव कुंदर ने कैप्टन सुमीत सभरवाल से पूछा, ‘आपने फ्यूल स्विच को ‘CUTOFF’ पोजिशन में क्यों कर दिया?’ सवाल करते समय को-पायलट हैरान थे। उनकी आवाज में घबराहट थी, जबकि कैप्टन सुमीत शांत लगे। भारतीय पायलट महासंघ (FIP) के अध्यक्ष कैप्टन सी.एस. रंधावा ने NTSB के इस बयान का स्वागत किया और कहा कि इससे पश्चिमी मीडिया को चेतावनी मिलेगी जो बिना पुख्ता आधार के कहानियां छापता है। उन्होंने कहा, “हमारी अपनी जांच प्रक्रिया है और हमें इसकी अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए।” FIP ने WSJ और रॉयटर्स को कानूनी नोटिस भेजा रंधावा ने कहा कि FIP ने फ्लाइट AI-171 की दुर्घटना पर पब्लिश रिपोर्टों को लेकर अमेरिका की दो प्रमुख मीडिया संस्थाओं वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) और रॉयटर्स को कानूनी नोटिस भी भेजा है। संघ का आरोप है कि दोनों मीडिया संस्थानों ने बिना पुष्टि के भ्रामक और गलत सूचनाएं पब्लिश कीं, जिससे मृत पायलटों की प्रतिष्ठा को गहरा नुकसान पहुंचा है। रंधावा ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि WSJ और रॉयटर्स को भेजे गए ईमेल में यह साफ कहा गया है कि उनकी रिपोर्टिंग न सिर्फ तथ्यहीन थी, बल्कि इससे भारत की विमानन सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत धारणा भी बनी है। FIP ने विशेष रूप से रॉयटर्स से यह अपेक्षा जताई है कि वह 17 जुलाई को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट की समीक्षा करे, उसे संशोधित करे और उसमें यह स्पष्ट अस्वीकरण जोड़े कि फिलहाल कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है और उनकी रिपोर्ट स्रोतों पर आधारित थी, न कि तथ्यों पर। संघ का कहना है कि ऐसी रिपोर्टिंग से न केवल मृतक पायलटों की छवि धूमिल हुई है, बल्कि उनके परिजनों को भी अनावश्यक मानसिक पीड़ा झेलनी पड़ी है। इससे पायलट समुदाय का मनोबल भी प्रभावित हुआ है, जो पहले से ही उच्च दबाव में कार्य करता है। AAIB ने वॉल स्ट्रीट रिपोर्ट पर कहा था- अभी इंतजार करें
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने यह बात जांच से जुड़े अमेरिकी सूत्रों के हवाले से दी है। इसके बाद एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने कहा है कि सभी लोग अंतिम रिपोर्ट आने का इंतजार करें। जांच अभी चल रही है और अभी किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं होगा। भारत ने भी पायलटों की बातचीत सार्वजनिक की थी
इससे पहले एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इनवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने 12 जुलाई को प्लेन क्रैश पर अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट जारी की थी। इसमें बताया था कि फ्यूल स्विच अचानक ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ पोजिशन में चले गए थे, जिससे दोनों इंजन बंद हो गए। हालांकि, रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि फ्यूल स्विच कैसे बंद हुए। AAIB की रिपोर्ट में बताया कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर पर एक पायलट को दूसरे से यह पूछते हुए सुना गया कि उसने फ्यूल क्यों बंद कर दिया। दूसरे पायलट ने जवाब दिया कि उसने ऐसा नहीं किया। एअर इंडिया बोला- बोइंग-787 विमानों के फ्यूल स्विच में खराबी नहीं एअर इंडिया ने 16 जुलाई को अपने बोइंग-787 सीरीज के सभी विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच (FCS) के लॉकिंग फीचर की जांच पूरी होने की जानकारी दी। एयरलाइन कंपनी ने अपने पायलटों को भेजे एक मैसेज में बताया कि जांच के दौरान फ्यूल स्विच में कोई खराबी नहीं पाई गई। कंपनी ने बताया कि सभी बोइंग-787 विमानों में थ्रॉटल कंट्रोल मॉड्यूल (TCM) भी बदले गए हैं। फ्यूल कंट्रोल स्विच, TCM का एक अहम हिस्सा है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने 14 जुलाई को सभी एयरलाइन कंपनियों को 21 जुलाई तक बोइंग-737 और 787 सीरीज के सभी विमानों में फ्यूल स्विच की जांच करने के निर्देश दिए थे। एअर इंडिया के पास कुल 33 बोइंग-787 ड्रीमलाइनर विमान हैं। इंडिगो के पास सात B-737 मैक्स 8 और एक B-787-9 विमान हैं। ये सभी विमान लीज पर, वेट लीज पर या फिर डैम्प लीज पर हैं। इसलिए भारत में रजिस्टर्ड नहीं हैं। मामले में एक्सपर्ट्स के बयान पढ़ें … अब ग्राफिक के जरिए जानें, कैसे हादसा हुआ था… विमान हादसे की जांच रिपोर्ट के अहम पॉइंट्स पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें….

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