मध्यप्रदेश में शनिवार को बारिश का सिस्टम थोड़ा कमजोर पड़ा है। हालांकि मौसम विभाग ने 16 जिलों में बाढ़ का खतरा बताया था, लेकिन दोपहर तक कहीं ऐसी स्थिति सामने नहीं आई है। मौसम विभाग ने 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। इधर, पिछले दिनों हुई लगातार बारिश से कई जिलों में नदी-नाले उफान पर है। श्योपुर की मोरडूंगरी नदी में नहाने गए 60 साल के एक बुजुर्ग बह गए। पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम उनकी तलाश में जुटी है। मुरैना जिले में चंबल नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार रात 10 बजे से शनिवार सुबह 10 बजे तक नदी का जलस्तर 2 मीटर तक बढ़ गया। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। चंबल किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। इन 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने शनिवार को 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आगर-मालवा, राजगढ़, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। मुरैना में अस्थायी डैम टूटा, फसलें बर्बाद
मुरैना जिले के जौरा में शनिवार को तेज बारिश के चलते बुरावली और काशीपुर गांव के बीच बना एक अस्थायी डैम टूट गया। इससे आसपास के खेतों में पानी भर गया और करीब 20 बीघा में खड़ी सोयाबीन और तिल की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। पैसों के लिए रिस्क लेकर पार करा रहे नाला
छतरपुर के गौरिहार में पुल पर 2 फीट पानी ऊपर होने के बावजूद लोग पुल पार कर रहे हैं। पुल पर से बाइक को पार कराने का लोग ₹100 और प्रति व्यक्ति ₹50 ले रहे हैं। एक वीडियो में बच्चे भी पुल पार करते नजर आए, ये वीडियो जब पुलिस के पास पहुंचा तो थाना प्रभारी और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाइश दी। तिरपाल तान कर करना पड़ा अंतिम संस्कार
गुना में बारिश के बीच तिरपाल तान कर एक बुजुर्ग के शव का अंतिम संस्कार करना पड़ा। मामला शुक्रवार को जिले के बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र के सतनपुर गांव का है। जहां सांप के काटने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी। मुक्तिधाम में टीन शेड नहीं होने के कारण परिजनों को बारिश के बीच तिरपाल डालकर अंतिम संस्कार करना पड़ा।
अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम… एमपी में इतना रहा तापमान… 10 साल में बारिश का ट्रेंड, पहले भोपाल के बारे में जानिए
भोपाल में जुलाई में खूब बारिश होती है। यहां एक ही महीने में 1031.4 मिमी यानी 41 इंच के करीब बारिश होने का रिकॉर्ड है। यह साल 1986 में हुई थी। 22 जुलाई 1973 को एक ही दिन में 11 इंच बारिश हुई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। साल 2024 में पूरे जुलाई महीने में 15.70 इंच बारिश हुई थी। भोपाल में जुलाई महीने में एवरेज 15 दिन बारिश होती है यानी हर दूसरे दिन पानी बरसता है। महीने की एवरेज बारिश 367.7 मिमी यानी 14.4 इंच है। बारिश के चलते दिन का तापमान 30 और रात में पारा 25 डिग्री सेल्सियस से कम रहता है। इंदौर में इस बार 40% ज्यादा बारिश
इंदौर की बात करें तो 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जो 27 जुलाई 1913 को हुई थी। वर्ष 1973 में पूरे महीने 30.5 इंच पानी गिरा था। बारिश के चलते यहां भी तापमान में गिरावट देखने को मिलती है। इंदौर में महीने की एवरेज बारिश 12 इंच है। एवरेज 13 दिन यहां बारिश होती है। पिछले साल इंदौर में पूरे महीने 8.77 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में जुलाई में गिर चुका 45 इंच पानी
चारों बड़े शहरों में जबलपुर ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा बारिश होती है। वर्ष 1930 में यहां करीब 45 इंच पानी बरसा था जबकि 30 जुलाई 1915 को 24 घंटे की सर्वाधिक 13.5 इंच बारिश हुई थी। 2013 और 2016 में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। जबलपुर में जुलाई की सामान्य बारिश 17 इंच है। महीने में 15 से 16 दिन पानी बरसता है। ग्वालियर में कम बारिश का ट्रेंड
भोपाल, इंदौर और जबलपुर की तुलना में ग्वालियर में जुलाई के महीने में सबसे कम बारिश होती है। पिछले 10 साल में 6 बार ऐसा हुआ, जब 8 इंच से कम पानी गिरा हो जबकि यहां की एवरेज बारिश 9 इंच के करीब है। ग्वालियर में वर्ष 1935 में महीने की सबसे ज्यादा बारिश हुई थी। तब 623.3 मिमी यानी 24.5 इंच बारिश दर्ज की गई थी। इस बार बारिश के अच्छे संकेत हैं। मानसून की दस्तक के साथ यहां तेज बारिश का दौर जारी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश की बात करें तो 12 जुलाई 2015 को 190.6 मिमी यानी साढ़े 7 इंच पानी बरसा था। ग्वालियर में जुलाई के महीने में एवरेज 11 दिन बारिश होती है। उज्जैन में 36 इंच बारिश का रिकॉर्ड
उज्जैन में पूरे जुलाई महीने में 36 इंच बारिश का ओवरऑल रिकॉर्ड है। इतनी बारिश साल 2015 में हुई थी। 2023 में 21 इंच से ज्यादा पानी गिर गया था। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश 19 जुलाई 2015 को 12.55 इंच हुई थी। उज्जैन में जुलाई की औसत बारिश 13 इंच है। महीने में 12 दिन पानी बरसता है।

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