कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर में पंजाब मूल के दो युवकों को गंभीर अपराध में अदालत ने दोषी ठहराते हुए 3-3 साल की जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें एक व्यक्ति को जानबूझकर टक्कर मारने, 1.3 किलोमीटर तक घसीटने और फिर शव को सड़क पर फेंककर फरार होने का दोषी माना। सजा के साथ-साथ दोनों पर 3 साल तक गाड़ी चलाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। सजा पूरी होने के बाद दोनों को भारत डिपोर्ट कर दिया जाएगा। हादसा 27 जनवरी 2024 की रात का घटना 27 जनवरी 2024 को देर रात की है, जब 22 वर्षीय गगनप्रीत सिंह और जगदीप सिंह अपने तीसरे दोस्त के साथ रेड फोर्ड मस्टैंग कार में घूम रहे थे। वे पास की एक पिज्जा शॉप से निकले थे। उस वक्त कार गगनप्रीत चला रहा था और कार मालिक जगदीप अगली सीट पर बैठा था। इसी दौरान दो गवाहों ने पुलिस को सूचना दी कि यूनिवर्सिटी ड्राइव पर एक व्यक्ति सड़क पर पड़ा है। 1:41 बजे के आसपास जब गवाहों ने 911 पर कॉल की, उसी समय गगनप्रीत ने उस व्यक्ति को टक्कर मार दी। 911 कॉल की रिकॉर्डिंग भी अदालत में पेश की गई, जिसमें गवाह कहता है- “ओह माय गॉड! किसी ने उसे टक्कर मार दी… वो कहां गया?… वो कार के नीचे फंसा हुआ है!” 1.3 किमी तक घसीटा शव टक्कर लगने के बाद, दोनों आरोपी थोड़ी देर के लिए गाड़ी रोकते हैं और उतरकर गाड़ी के नीचे देखते हैं। उसी वक्त वहां गवाहों की कार और उनके दोस्तों की एक और गाड़ी आ जाती है। एक गवाह 911 कॉल के दौरान गगनप्रीत से कहता है- तुम्हारी कार के नीचे एक आदमी है। लेकिन इसके बावजूद गगनप्रीत गाड़ी स्टार्ट करता है और वहां से तेजी से निकल जाता है। व्यक्ति अब भी कार के नीचे फंसा हुआ था। जांच के दौरान पता चला कि दोनों आरोपी कार को 1.3 किमी तक शव के साथ घसीट ले गए। शव को हटाने की कोशिश सर्विलांस वीडियो में दिखा कि गगनप्रीत ने कुछ दूरी पर जाकर बार-बार गाड़ी आगे-पीछे करके व्यक्ति के शव को हटाने की कोशिश की। लेकिन जब शव नहीं निकला, तो वे एक सुनसान गली में पहुंचे। जहां गगनप्रीत और जगदीप ने मिलकर शव को जबरन कार से नीचे उतारा। अदालत में पेश वीडियो में साफ दिखा कि जगदीप कार रिवर्स कर रहा है और गगनप्रीत शव को खींच रहा है। बाद में वे शव को सड़क किनारे छोड़कर वहां से फरार हो गए। जानें कौन था पीड़ित इस हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान अदालत में जे.जी. के नाम से हुई, जो 47 वर्षीय व्यक्ति था। वे एक बच्चे और पत्नी को पीछे छोड़ गए। कोर्ट में क्राउन वकील एडम जंटूनन ने कहा कि पीड़ित अपने परिवार, दोस्तों और समुदाय में बेहद प्रिय थे। जज मार्क जेटे ने सजा सुनाते समय कहा कि इस मामले में सबसे दुखद बात यह थी कि आरोपी युवक यह जानने के बावजूद कि कोई व्यक्ति उनकी कार के नीचे फंसा हुआ है, उसे घसीटते रहे और अंत में लाश को फेंककर भाग गए। जज ने इसे पूर्ण संवेदनहीनता बताया और कहा कि अगर केवल सड़क हादसा होता, तो यह आपराधिक मामला नहीं बनता, लेकिन हादसे के बाद की हरकतों ने इस मामले को गंभीर बना दिया। बचाव पक्ष की दलील गगनप्रीत के वकील गगन नाहल ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल ने तुरंत ही अपनी गलती मान ली थी और शुरू से ही अपराध स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि दोनों युवकों की कोई आपराधिक या ट्रैफिक हिस्ट्री नहीं है, और घटना के बाद वे बेहद पछता रहे थे। वे घबरा गए थे और नहीं समझ पाए कि क्या करें। इसलिए वे गाड़ी चलाते रहे। जज ने उनकी उम्र, कोई पूर्व रिकॉर्ड न होने और अपराध स्वीकार करने को सजा में नरमी के कारक माना, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
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