उज्जैन में पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर वैराग्यानंद गिरी उर्फ मिर्ची बाबा ने उज्जैन के चार धाम आश्रम के महंत परमानंद गिरी के शिष्य ज्योतिर्मयानंद गिरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बडे़-बडे़ संतों की जहर देकर हत्या की जा रही है। मिर्ची बाबा ने सीएम डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की है। इस मामले में दैनिक भास्कर ने ज्योतिर्मयानंद गिरी से बात करने का प्रयास किया लेकिन, उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। तीन संतों की हत्या का दिया उदाहरण
मिर्ची बाबा ने सीएम को पत्र लिखने के बाद वीडियो जारी कर कहा- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सनातन धर्म को पुष्पित-पल्लवित कर रहे हैं, लेकिन परमानंद गिरी महाराज और उनके नाती चेला ज्योतिर्मयानंद द्वारा कई संतों की जहर देकर हत्या की जा रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दिल्ली में अनुभूतानंद की हत्या हुई, हरिद्वार में बालानंद गिरी की हत्या हुई और चित्रकूट में जगतप्रकाश त्यागी की हाल ही में हत्या हुई है। तीन राज्यों के सीएम से सीबीआई जांच की मांग की
मिर्ची बाबा ने कहा- आदि गुरु की परंपराओं और संन्यास धर्म का पालन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, योगी आदित्यनाथ और पुष्कर सिंह धामी इन सारी घटनाओं की सीबीआई जांच कराएं। जांच इसलिए जरूरी है क्योंकि आए दिन संतों के साथ ऐसी घटनाएं घट रही हैं। आरोप- ज्योतिर्मयानंद रिश्तेदारों को आसनों पर बिठा रहे
मिर्ची बाबा ने कहा- 13 अखाडों के अध्यक्ष रवीन्द्र पुरी महाराज से मेरा अनुरोध है कि ऐसे तथाकथित मनमुखी और ग्रहस्थ में रहने वाले संतों को समाज से बहिष्कृत करें। हरिगिरी महाराज इस बात पर संज्ञान लें कि जो वर्षों से संत साधना पूजा कर रहे हैं उन संतों को ज्योतिर्मयानंद और उनके गुंडों, परिवारजनों के जरिए हटाया जा रहा है उन्हें लाल कपड़ा पहनाकर बिठाया जा रहा है। तो मनमुखी संतों को आसनों पर नहीं बिठाना चाहिए। मिर्ची बाबा ने कहा-तांत्रिक क्रियाओं से विरोधी संतों को हटा रहे
स्वामी वैराग्यानंद गिरी महाराज ने अपने पत्र में आरोप लगाए हैं कि उक्त व्यक्ति संन्यास धर्म की मर्यादा के विपरीत पारिवारिक वंश परंपरा को बढ़ावा दे रहे हैं। ये व्यक्ति संत समाज की आड़ में संगठित अपराधों को संरक्षण दे रहे हैं। कई साधुओं की रहस्यमयी मृत्यु में संदिग्ध भूमिका है। बालिकाओं और मानसिक रूप से कमजोर बच्चों की संदिग्ध हालातों में मौतों में संलिप्तता है। तांत्रिक क्रियाओं से विरोधी संतों को हटाने के प्रयास कर रहे हैं। सरकारी संस्थानों से आर्थिक लाभ लेकर वित्तीय अनियमितताएं, गुंडागर्दी से धार्मिक ट्रस्टों और आश्रमों की संपत्तियों पर कथित कब्जा कर रहे हैं। ज्योतिर्मयानंद के खिलाफ कार्रवाई की मांग
पत्र में स्वामी वैराग्यानंद गिरी ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि यदि समय रहते ऐसे तत्वों पर कठोर कार्यवाही नहीं हुई तो संत समाज की गरिमा और आम जन की धार्मिक आस्था को गहरा आघात पहुंचेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही अखाड़ा परिषद और अन्य धर्माचार्य संगठनों से भी अपील की कि वे ऐसे कथित साधुओं को धार्मिक पदों से तत्काल हटाएं, ताकि संन्यास परंपरा की गरिमा अक्षुण्ण बनी रहे। जानिए कौन है मिर्ची बाबा
मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार के दौरान बाबा को राज्यमंत्री का दर्जा था। 2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सपोर्ट में कम्प्यूटर बाबा के बाद मिर्ची बाबा भी राजनीति में सक्रिय हुए थे। उन्हें कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं का करीबी माना जाता है। साल 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान वो तब और ज्यादा चर्चा में आ गए थे, जब उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार दिग्विजय सिंह की जीत के लिए पांच क्विंटल लाल मिर्ची का हवन किया था। मिर्ची बाबा ने तब ऐलान किया था कि अगर दिग्विजय सिंह चुनाव नहीं जीते तो वो जल समाधि ले लेंगे। जल समाधि लेने के लिए भोपाल कलेक्टर से अनुमति मांगी थी, जो नहीं मिली थी।

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