जशपुरनगर जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और बोर्ड परीक्षा परिणामों में अपेक्षित सुधार लाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में शुक्रवार को कलेक्टर रोहित व्यास ने जिला पंचायत कार्यालय में जिले के स्कूलों के प्राचार्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली। इस दौरान 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों की समीक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षकों की भूमिका और स्कूलों की शैक्षणिक गतिविधियों पर गहराई से चर्चा की गई। कलेक्टर व्यास ने कहा कि शिक्षा की नींव मजबूत हो, इसके लिए सबसे जरूरी है बच्चों की नियमित उपस्थिति और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों के परीक्षा परिणाम लगातार खराब आ रहे हैं, उनके प्राचार्यों को गंभीरता से सुधार करना होगा, अन्यथा सख्त कार्रवाई तय है। बैठक में यह भी सामने आया कि जिले के कई स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति संतोषजनक नहीं है। इस पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने प्राचार्यों को निर्देश दिए कि बच्चों के घर जाकर पालकों से संवाद करें और उन्हें बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल भेजना केवल एक पारिवारिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। इस कार्य में स्थानीय सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद लेने को भी कहा गया। कलेक्टर ने बताया कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन की मदद से जिले में 20 खेल मैदान विकसित किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से मैदानों की जानकारी मांगी गई है। यह कार्य जनसहयोग से पूरा किया जाएगा, ताकि बच्चों को खेलकूद के लिए बेहतर संसाधन मिल सकें और उनका समग्र विकास हो। इस महत्वपूर्ण बैठक में सहायक कलेक्टर अनिकेत अशोक, जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद भटनागर, यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी विनोद गुप्ता, सदस्य संजीव शर्मा, सभी ब्लॉकों के बीईओ व विभिन्न स्कूलों के प्राचार्य मौजूद रहे। शिक्षकों की कमी दूर, अब प्रदर्शन सुधारने की बारी कलेक्टर ने बताया कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया के बाद जिले में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर हो चुकी है। अब ज़रूरत है कि उपलब्ध शिक्षकों के माध्यम से बच्चों के प्रदर्शन को बेहतर किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन स्कूलों में अभी तक साइंस क्लब की गतिविधियां शुरू नहीं हुई हैं, वहां प्राथमिकता से उन्हें चालू किया जाए, ताकि विज्ञान के प्रति रुचि और प्रयोगात्मक सीखने का अवसर मिल सके। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और दक्षता लाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने सभी स्कूलों की गतिविधियों को ‘विनोबा ऐप’ में नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए। बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित भी किया गया।

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