पंजाब के जालंधर में 114 वर्षीय एथलीट फौजा सिंह को टक्कर मारने वाले कार ड्राइवर को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान करतारपुर के दासूपुर गांव के रहने वाले NRI अमृतपाल सिंह ढिल्लों (27) के रूप में हुई है। अमृतपाल सिंह 8 दिन पहले ही कनाडा से लौटा था। पुलिस ने उससे फॉर्च्यूनर (PB 20C 7100) भी बरामद कर ली है। मंगलवार रात को उसे थाना भोगपुर में लाया गया था, जहां उससे पूछताछ की गई। आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। फौजा सिंह को 14 जुलाई को गंभीर हालत में जालंधर के निजी अस्पताल में ले जाया गया था। वहां उन्होंने दम तोड़ दिया। अभी तक उनका अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। परिवार के लोगों का कहना है कि उनके बेटे, बेटियां और अन्य रिश्तेदार कनाडा से आ रहे हैं। उनके आने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। घटनास्थल से फॉर्च्यूनर के पार्ट्स मिले
जालंधर देहात पुलिस के SSP हरविंदर सिंह विर्क ने कहा कि फौजा सिंह ने पंजाब और भारत का पूरे विश्व में नाम रोशन किया था। फौजा सिंह घर से सैर करने के लिए निकले थे। 120 मीटर दूर जब वे जालंधर-पठानकोट हाईवे पर पहुंचे, तो वहां फॉर्च्यूनर ने उन्हें टक्कर मार दी। मौके पर मौजूद फौजा सिंह के कुछ परिचितों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। गाड़ी के कुछ हिस्से हमें क्राइम सीन से मिले थे, एक्सपर्ट को वे टुकड़े दिखाए गए। इससे पता चला कि वह गाड़ी पुराने मॉडल की फॉर्च्यूनर है। पार्ट्स से कार मालिक तक पहुंची पुलिस
SSP ने आगे कहा कि हमने मंगलवार शाम को गाड़ी ट्रेस कर ली। घटना के वक्त उस जगह से करीब 40 से ज्यादा गाड़ियां निकली थीं। जब हमने CCTV खंगाले तो फॉर्च्यूनर से वह हिस्सा गायब मिला जो हमें घटनास्थल से मिला था। इससे पुलिस को पुख्ता हो गया कि यह एक्सीडेंट इसी गाड़ी से हुआ है। जब हमने CCTV चेक करने का दायरा बढ़ाया तो गाड़ी का नंबर ट्रेस हुआ, जिससे आरोपी की पहचान की गई। नंबर से पता चला कि गाड़ी कपूरथला के अठौली गांव के रहने वाले वरिंदर सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है। जिसके बाद जालंधर पुलिस की टीमें कपूरथला रवाना हुईं और वरिंदर तक पहुंचीं। वरिंदर सिंह से पूछताछ में पता चला कि कनाडा से आए एक NRI अमृतपाल सिंह ढिल्लों ने उसकी कार खरीदी थी। आरोपी बोला- हादसे क बाद घबराकर घर भागा
SSP ने कहा कि इसके बाद हम अमृतपाल तक पहुंचे और फॉर्च्यूनर गाड़ी बरामद कर ली। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह मुकेरियां की तरफ से अपना फोन बेच कर लौट रहा था। जब वह ब्यास पिंड के पास पहुंचा तो एक बुजुर्ग गाड़ी की चपेट में आ गया। बाद में पता चला कि वह बुजुर्ग फौजा सिंह थे। उस समय वह घबरा गया, इसलिए फरार हो गया। उसे जालंधर की तरफ आना था, लेकिन वह अपने गांव चला गया। उसके पास लाइसेंस है और वह कनाडा में लेबर की नौकरी करता है। उसके पास 2027 तक का वर्क परमिट है। उसके पिता की मौत हो चुकी है, जबकि मां कनाडा में ही रहती है। अब 2 पाॅइंट में जानिए कैसे हुआ हादसा… खाना खाने के बाद घर से निकले थे:फौजा सिंह के छोटे बेटे हरविंदर सिंह ने बताया कि वह 14 जुलाई को 3 बजे खाना खाने के बाद सैर करने के लिए घर से निकले थे। उस समय मैं घर पर नहीं था। जब वह हाईवे पर पहुंचे तो एक अज्ञात कार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उन्हें सिर, छाती और पसलियों पर गंभीर चोटें आईं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। ICU में शिफ्ट करने के बाद दम तोड़ा: बेटे ने आगे बताया कि उनकी हालत में कुछ सुधार भी दिखाई दिया और उन्होंने खुद सिर के नीचे हाथ रखा हुआ था, लेकिन जब उन्हें ICU में शिफ्ट किया गया, तब उनकी सांसें उखड़ने लगीं। शाम करीब 6 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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