हमीरपुर के नादौन क्षेत्र के जोल सप्पड़ पंचायत के कोहला पलासडी गांव के पर्वतारोही अरुण कुमार ने एक और उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने लद्दाख की 6400 मीटर ऊंची चोटी माउंट कांग यास्ते पर तिरंगा फहराया है। अरुण 24 जून को लेह पहुंचे थे। समुद्र तल से अधिक ऊंचाई के कारण उन्होंने 14 दिन लेह में रहकर अपने शरीर को वहां के मौसम के अनुकूल बनाया। इसके बाद कठिन यात्रा करते हुए वह कांग यास्ते पर्वत के बेस कैंप तक पहुंचे। यात्रा के दौरान उन्हें ठंडी हवाओं और प्रतिकूल मौसम का सामना करना पड़ा। सुबह चोटी पर पहुंचकर तिरंगा फहराया 13 जुलाई को सुबह 8:30 बजे अरुण ने चोटी पर पहुंचकर तिरंगा फहराया। उन्होंने बताया कि इससे पहले 2024 में 7075 मीटर ऊंची माउंट स्नोपंथ पर भी तिरंगा फहरा चुके हैं। उनका लक्ष्य विश्व के सभी सात महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराना है। पिता सेना से सेवानिवृत्त अरुण के अनुसार बर्फीले पहाड़ों पर दिन में चढ़ाई करना मुश्किल होता है। धूप के कारण बर्फ पिघलने लगती है, इसलिए दुर्गम पहाड़ों की चढ़ाई रात में की जाती है। उनके पिता राज कुमार सेना से सेवानिवृत्त हैं और माता अर्चना देवी गृहिणी हैं। उनका बड़ा भाई वर्तमान में सेना में सेवारत है। जोल सप्पड़ पंचायत के उपप्रधान संतोष कुमार ने कहा कि अरुण की इस उपलब्धि पर पूरी पंचायत को गर्व है। पंचायत उनके घर लौटने पर उनका सम्मान करेगी।
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