उत्तर कोरिया ने अपना मशहूर वॉनसन-काल्मा बीच रिसॉर्ट विदेशी पर्यटकों के लिए अचानक बंद कर दिया है। उत्तर कोरिया सरकार इस रिसॉर्ट के जरिए विदेशी टूरिस्ट्स को लुभाकर अपने फॉरेन करेंसी रिजर्व को बढ़ाना चाहती थी। यह रिसॉर्ट को नार्थ कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन का ड्रीम प्रोजेक्ट था। इसे बनाने का काम 2014 में शुरू हुआ था और इसी साल 24 जून को खोला गया था। अब इसके अचानक बंद होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक रूसी पत्रकार ने यहां मौजूद टूरिस्ट्स को लेकर दावा किया था, वे टूरिस्ट्स अपनी मर्जी से नहीं आए थे, बल्कि उन्हें सरकार ने यहां लाई था। इसके बाद ही इस रिसॉर्ट को बंद करने का फैसला किया गया। रूसी पत्रकार की रिपोर्ट से बंद हुआ रिसॉर्ट उत्तर कोरिया की आधिकारिक टूरिज्म वेबसाइट DPR कोरिया टूर ने बिना कोई ठोस कारण बताए कहा कि रिसॉर्ट अस्थायी रूप से बंद किया गया है, लेकिन कुछ खबरों में दावा किया जा रहा है कि एक रूसी पत्रकार की रिपोर्ट से इसे बंद करना पड़ा है। दरअसल ये पत्रकार रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ रिसॉर्ट गया था और उसने बताया कि वहां मौजूद ‘पर्यटक’ असल टूरिस्ट्स नहीं हैं, बल्कि इन्हें सरकार ने भेजा था। इस खुलासे के बाद उत्तर कोरिया की साख को नुकसान पहुंचा था। आर्थिक दबाव भी एक वजह कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि रिसॉर्ट को चलाने में भारी खर्च आ रहा था। अगर विदेशी सैलानी नहीं आएंगे, तो रूबल, युआन या डॉलर जैसी विदेशी मुद्रा नहीं मिलेगी। इससे रिसॉर्ट को चलाना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, हो सकता है कि रिसॉर्ट को पूरी तरह तैयार करने या कुछ और आंतरिक कारणों से ये फैसला लिया गया हो। यात्रा की लागत से भी मुश्किलें वहीं, साउथ कोरिया के कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल यूनिफिकेशन के एक्सपर्ट ओह ग्योंग-सियोब का कहना है कि उत्तर कोरिया ने विदेशी पर्यटकों को रिसॉर्ट में आने की इजाजत देने से होने वाले नकारात्मक परिणामों के डर से यह फैसला लिया। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस रोक का रूसी पर्यटकों पर खास असर नहीं पड़ेगा, लेकिन दूरी और यात्रा की लागत की वजह से यहां रूसी पर्यटकों को आकर्षित करना मुश्किल हो सकता है।

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