बिलासपुर – 4 और 5 अक्टूबर की मध्यरात्रि छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा एक डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार की घटना घटित हुई। इस अपरिय घटना के बाद सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने जूनियर डॉक्टरों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए तत्काल बैठक आयोजित की।बैठक में भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय मज़बूत किया जाएगा तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने की व्यवस्था की गई।ट्रॉमा एवं आपात क्षेत्र में सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है।
संस्थान परिसर के प्रमुख बिंदुओं पर उचित प्रकाश व्यवस्था और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए।सभी सुरक्षा कर्मियों को ड्यूटी के दौरान बेटन और आवश्यक उपकरणों के साथ सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के लिए ठेकेदार को चेतावनी देते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए।
शराब सेवन कर आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की अल्कोहल मीटर से जांच की जाएगी तथा आवश्यक होने पर पुलिस चौकी को तुरंत सौंपा जाएगा।त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक समिति गठित की गई है।
घटना की जानकारी देने हेतु जूनियर डॉक्टरों संघ के अध्यक्ष डॉ नागेंद्र साहू व टीम ने सी.एस.पी. श्री गगन कुमार से भेंट की। सी.एस.पी. ने आश्वासन दिया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु तत्काल और ठोस कदम उठाए जाएंगे।
सिम्स प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार का अव्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस बैठक में सिम्स चौकी प्रभारी डी. र. मरकाम, कांस्टेबल दुबे उपस्थित रहे
